हकों की प्राप्ति के लिए संघर्ष जारी रहेगाः प.स.स.फ. प्रतिनिधि
अमृतसर, 11 जून (पवित्रजोत): पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों की जायज मांगे मानने पर किए समझौते लागू करने की बजाए टाल-मटोल करते हुए कर्मचारियों की छंटनी करने के प्रस्तावों पर फैसलें करने शुरू कर दिए हैं। जल-स्रोत विभाग में से छंटनी करने के लिए एक ऐसा पत्र भी जारी कर दिया है। सरकार के इन कारनामों का विरोध करने के लिए पंजाब सुबार्डीनेट सर्विसिस फैडरेशन द्वारा विरोध करते आज स्थानीय सिंचाई विभाग के कार्यालय के बाहर जिला प्रधान जोगिंदर सिंह, महासचिव जसवंत राए, ऐटक प्रतिनिधि मनजीत सिंह बासरके, अध्यापक प्रतिनिधि बलजिंदर सिंह वडाली, क्लास-4 प्रतिनिध भवानी फेर, गुरवेल सिंह महासचिव मनिस्ट्रीयल, सिंचाई मुलाजिम फैडरेशन के प्रधान निर्मल सिंह, कश्मीर सिंह रायपुर, राकेश कुमार की अध्यक्षता में सरकार का वह पत्र रोष रैली में फूका गया, जिसमें छंटनी करने के लिए कर्मचारियों को निकम्मा कहा गया है। प्रतिनिधियों ने कहा कि आज कोरोना महामारी के दौर में सरकारी कर्मचारी डट कर लोक सेवा में लगे हुए हैं। इस अवसर पर प्रदेश के उपाध्यक्ष बलकार सिंह वल्टोहा ने कहा कि सरकार कोरोना महामारी के बहाने छंटनिया, वेतन में कटौती व अन्य कर्मचारी मारू फैसलों को लागू कर रही है। केन्द्र की मोदी सरकार सरेआम सरकारी विभाग, कारपोरेट घराणों को बेच रही है, जोकि बर्दाशत नहीं किया जा सकता। उन्होने कहा कि कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, डी.ए. का बकाया लेने, पे-कमिश्न की प्राप्ति सहित मुलाजिम मांग की पूर्ति के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर अन्यों के अतिरिक्त विजय कुमार, रिशू वर्मा, कमलदीप सिंह, राकेश बाबोवालिया, मन्नू शर्मा, कर्म सिंह, रविंदर सिंह, शिव नरायण, कुलदीप कुमार व अन्यों ने भी संबोधित किया।